बिलासपुर के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में पर्यटकों और आगंतुकों का चहेता, दस वर्षीय अकेला सफेद बाघ आकाश, हृदय गति रुकने से मर गया।
आकाश कानन पेंडारी चिड़ियाघर का एकमात्र सफेद बाघ था और अपनी सुंदरता के कारण यह हमेशा आकर्षण का केंद्र बना रहता था।
उसकी अचानक मौत से चिड़ियाघर प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार, आकाश पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहा था और उसका इलाज किया जा रहा था। हालांकि, मंगलवार की सुबह उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। आकाश की मौत से चिड़ियाघर में सफेद बाघों की संख्या शून्य हो गई है, जो एक चिंता का विषय है।
आकाश की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग कानन पेंडारी आते थे। उसकी शांत और आकर्षक उपस्थिति ने उसे बच्चों और बड़ों दोनों का पसंदीदा बना दिया था। चिड़ियाघर प्रशासन अब सफेद बाघों की आबादी को फिर से स्थापित करने के लिए प्रयास करने की बात कह रहा है, ताकि भविष्य में आगंतुक इन दुर्लभ प्राणियों को देख सकें।



