कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वक्फ बोर्ड से जुड़े हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने 11 अप्रैल को बंगाल के इतिहास में 'काला दिवस' करार देते हुए 'दूसरे पलायन' की चेतावनी दी है।
मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों पर कब्जे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं पर पुलिस ने बर्बरता की और उन्हें गिरफ्तार किया।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि राज्य में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और अगर स्थिति नहीं सुधरी तो एक और पलायन देखने को मिल सकता है, जैसा कि अतीत में हुआ था। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने का आग्रह किया है ताकि गलत सूचना न फैले।
राज्य सरकार की ओर से भी बयान जारी किया गया है, जिसमें सभी समुदायों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई है। सरकार ने कहा है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से संबंधित हों।
इस बीच, हिंसा प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इंटरनेट सेवाएं कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में अभी भी निलंबित हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।


