पुणे में कोयला बनाने के कारखाने से 26 बंधुआ मजदूर मुक्त.
पुणे जिले में एक कोयला बनाने के कारखाने से 26 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है।
इन मजदूरों को कारखाने का मालिक सायजी बंदालकर कथित तौर पर जबरन काम करवा रहा था। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि बंदालकर और उसके साथी उनसे और उनके परिवारों से जबरन काम करवाते थे और उन्हें प्रताड़ित भी करते थे।
पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर सायजी बंदालकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि सभी बंधुआ मजदूरों को उनके घरों में भेज दिया गया है।
यह मामला एक बार फिर से देश में बंधुआ मजदूरी की समस्या की ओर ध्यान दिलाता है। हालांकि भारत में बंधुआ मजदूरी को गैरकानूनी घोषित किया गया है, लेकिन फिर भी कई जगहों पर बंधुआ मजदूरी का चलन है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है? यह खबर दिखाती है कि भारत में बंधुआ मजदूरी की समस्या अभी भी मौजूद है। यह खबर यह भी दिखाती है कि सरकार और पुलिस बंधुआ मजदूरी के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।


