दिल्ली विधानसभा चुनाव: AAP, BJP और कांग्रेस के बीच रोचक मुकाबला.
दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर चुनाव की घोषणा के साथ ही 5 फरवरी को होने वाले चुनावों के लिए सियासी जंग तेज हो गई है।
इस बार आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
AAP और BJP मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर चुनावी मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस, जो पिछले तीन चुनावों में संघर्ष कर रही है, अपनी खोई हुई साख वापस पाने की कोशिश में है। BJP के लिए यह चुनाव 1998 के बाद सत्ता में वापसी का मौका है, जबकि AAP के सामने अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती है।
2015 और 2020 के चुनावों में कांग्रेस अपना खाता खोलने में असफल रही थी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कांग्रेस कितनी सीटें जीत पाती है।
AAP की चुनौतियां
AAP सरकार को इस बार एंटी-इनकंबेंसी, भ्रष्टाचार के आरोप, अधूरे वादों और विकास के मुद्दों जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का संघर्ष
कांग्रेस के लिए अपनी परंपरागत वोट बैंक को वापस पाना एक बड़ी चुनौती है, जो 2013 से AAP की ओर खिसक गया है। 2013 में AAP को 29.5% वोट और 28 सीटें मिली थीं, BJP को 33% वोट और 32 सीटें, जबकि कांग्रेस को 24.6% वोट मिले थे।
2015 में AAP ने 67 सीटें और 54.3% वोट हासिल कर भारी जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को केवल 9.7% वोट मिले थे और वह कोई सीट नहीं जीत सकी। 2020 में AAP को 62 सीटें और 53.57% वोट मिले, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन और खराब हुआ और उसे केवल 4.26% वोट मिले।



