अब उबर ऑटो की सवारी के लिए केवल नकद भुगतान ही स्वीकार किया जाएगा। 18 फरवरी से उबर ऐप पर एक नोटिफिकेशन के जरिए यूजर्स को इसकी सूचना दे दी गई है।
यह बदलाव क्यों किया गया?
उबर ने बताया कि ऑटो चालकों के लिए उद्योग के सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल की ओर बदलाव को देखते हुए, उन्होंने अपने दृष्टिकोण को उसी के मुताबिक करने का फैसला किया है, ताकि प्रतिस्पर्धा में नुकसान न हो। दरअसल, उबर ने अपने ऑटो ड्राइवरों के लिए कमीशन-आधारित मॉडल से SaaS सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल अपना लिया है।
नया मॉडल कैसे काम करेगा?
नए मॉडल में उबर केवल एक प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। उबर यात्रियों को नजदीकी ड्राइवर से जोड़ेगा लेकिन किराया तय करने और भुगतान करने का निर्णय पूरी तरह से ड्राइवर और यात्री के बीच होगा। उबर अब किसी भी राइड पर कमीशन नहीं लेगा और कंपनी का राइड कैंसलेशन शुल्क वसूलने से भी कोई संबंध नहीं रहेगा।
ड्राइवरों के लिए क्या होगा फायदा?
- नए मॉडल में ड्राइवरों को राइड के बदले कमीशन नहीं देना होगा।
- ड्राइवर हर ट्रिप की पूरी कमाई अपने पास रख सकेंगे।
- उबर अब सिर्फ एक मिडिलमैन की भूमिका निभाएगा, जिससे ड्राइवरों की स्वतंत्रता बढ़ेगी।
- किराया ड्राइवर और यात्री आपसी सहमति से तय करेंगे।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह खबर उबर के उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें अब ऑटो की सवारी के लिए केवल नकद भुगतान करना होगा। यह खबर ऑटो चालकों के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब वे अपनी मर्जी से किराया तय कर सकेंगे और उन्हें उबर को कमीशन नहीं देना होगा।


