उन्होंने कहा, “ओवैसी ने संसद में ‘जय पलस्तीन’ का नारा लगाया। मैं ओवैसी और उनके समर्थकों को ऑफर देता हूं कि जितनी फ्लाइट चाहिए, हम बुक कर देंगे। जो लोग पलस्तीन जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। हम सबको पलस्तीन भेजेंगे।”
मुख्य बिंदु:
- पलस्तीन के समर्थन पर निशाना: राजा सिंह ने कहा कि भारत में पलस्तीन के समर्थन में झंडे लहराए जा रहे हैं और नारे लगाए जा रहे हैं।
- विवाद का सुझाव: उन्होंने कहा कि इजरायल और पलस्तीन का मामला उनका है, भारत को इसमें न घसीटा जाए।
- असदुद्दीन ओवैसी पर कटाक्ष: ओवैसी के ‘जय पलस्तीन’ के नारे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने पलस्तीन भेजने का प्रस्ताव दिया।
- खंडवा में रैली: राजा सिंह ने खंडवा में 13 साल पुराने तिहरे हत्याकांड की बरसी पर मशाल जुलूस में भाग लिया।
- आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन: यह जुलूस राष्ट्रभक्त वीर युवा मंच द्वारा आतंकवाद के विरोध में आयोजित किया गया।
- हिंदुओं के उत्पीड़न का मुद्दा: राजा सिंह ने बांग्लादेश और भारत के कुछ राज्यों में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई।
- पश्चिम बंगाल पर आरोप: उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार जारी हैं।
- आईएसकेकॉन मंदिर का मुद्दा: उन्होंने बांग्लादेश में आईएसकेकॉन मंदिर को बंद करने के प्रयासों की निंदा की।
- प्रतिक्रिया में सख्ती: राजा सिंह ने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार अब सहन नहीं किए जाएंगे।
- अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारतीय भूमिका: उन्होंने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तटस्थ रहना चाहिए।
- मशाल जुलूस का आयोजन: जुलूस में वकील नाज़िया इलाही खान और अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए।
- सांप्रदायिक सौहार्द पर सवाल: राजा सिंह ने भारत में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के प्रयासों की आलोचना की।
- राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर: उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- ओवैसी पर बयानबाजी: उन्होंने कहा कि ओवैसी जैसे लोग देश को गुमराह कर रहे हैं।
- हिंदू संस्कृति का समर्थन: राजा सिंह ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का संकल्प लिया।
- संसद में बयान पर चर्चा: ओवैसी द्वारा संसद में दिए गए बयान की निंदा की।
- युवाओं की भागीदारी: जुलूस में युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
- भारत की भूमिका: उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- आतंकवाद पर कार्रवाई: उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
- खंडवा में सभा का समापन: सभा के अंत में भारत की अखंडता और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का संकल्प लिया गया।



