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एक मार्केटिंग फर्म ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है कि फोन उपयोगकर्ताओं की बातचीत को सुनते हैं।
यह फर्म, जिसके ग्राहकों में फेसबुक और अमेज़न शामिल हैं, ने पुष्टि की है कि एक एक्टिव लिसनिंग सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ता के डिवाइस पर विज्ञापन देता है।
फर्म ने कहा कि सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता के फोन के माइक्रोफोन का उपयोग करता है ताकि यह पता लगा सके कि उपयोगकर्ता क्या बात कर रहा है। फिर, सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता के इतिहास और रुचियों के आधार पर विज्ञापन दिखाता है।
फर्म के एक प्रवक्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की रक्षा करता है। प्रवक्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर केवल उपयोगकर्ता के फोन पर विज्ञापन दिखाता है।
फर्म के प्रवक्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की रक्षा करता है। प्रवक्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर केवल उपयोगकर्ता के फोन पर विज्ञापन दिखाता है।
फर्म के प्रवक्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की रक्षा करता है। प्रवक्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर केवल उपयोगकर्ता के फोन पर विज्ञापन दिखाता है।


