उन्होंने कहा कि भारत को एआई के युग में ‘दूसरा एआई’ यानी ‘अस्पिरेशनल इंडिया’ का फायदा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एआई वर्तमान और भविष्य को नया आकार दे सकता है और भारत इस तकनीक के विकास और उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, “यह एआई का युग है, और यह तकनीक मानवता के लिए वर्तमान और भविष्य को बदलने की क्षमता रखती है।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘अस्पिरेशनल इंडिया’ देश की सामूहिक आकांक्षा को दर्शाता है, जो भारत को एआई तकनीक में अग्रणी स्थिति दिलाने के लिए प्रयासरत है। मोदी ने यह भी कहा कि एआई भारतीय युवाओं के लिए एक नई संभावना का द्वार है।
प्रधानमंत्री ने इंडिया एआई मिशन की बात करते हुए कहा कि यह मिशन स्वास्थ्य, शिक्षा, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ाने में मदद कर रहा है। इसके तहत मार्च में 10,300 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है, जो अगले पांच वर्षों में खर्च की जाएगी।
यह वित्तीय समर्थन कई प्रमुख पहलों जैसे इंडिया एआई कंप्यूट कैपेसिटी, इंडिया एआई इनोवेशन सेंटर, इंडिया एआई डेटासेट्स प्लेटफार्म, इंडिया एआई अप्लीकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव और इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग को गति देगा।


