
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने माइनिंग लीज मामले को लेकर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर बड़ा हमला बोला है। झामुमो का आरोप है कि भाजपा राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने शुक्रवार को भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा। विधायक सोनू ने कहा कि रघुवर दास के पांच साल के शासनकाल में जो भी हुआ, वह सबके सामने है, चाहे वह मैनहर्ट का मामला हो, टॉफी-टीशर्ट का मामला हो या अन्य किसी का। इन सभी मामलों की जांच चल रही है।
विधायक सोनू ने ओफाज (ऑर्गेनिक फार्मिंग ऑथिरिटी ऑफ झारखंड) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें झारखंड के किसानों को ऑर्गेनिक खेती के तौर-तरीके सिखाए जाते हैं, लेकिन अब यह नेताओं का हो गया है। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी स्वयंभू न्यायाधीश बनकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बोल रहे हैं कि हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना होगा, अन्यथा उन्हें बर्खास्त कर देंगे। बाबूलाल किस संवैधानिक पद पर हैं, यह पता नहीं है। उनसे नैतिकता की बात 2006 तक अच्छी लगती थी, जब उन्होंने भाजपा सांसद के रूप में इस्तीफा दिया था।अब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं।
विधायक सोनू ने कहा कि समय आने पर बतायेंगे कि मोमेंटम झारखंड में एक रुपये में किन-किन कंपनियों को जमीन दी गई। झारखंड की कौन सी कंपनी थी और उन कंपनियों में कौन-कौन लोग शामिल थे। अभी तो यह कहानी शुरू हुई है।
झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा नेताओं को फोटोकॉपी का व्यवसाय बढ़ाने के लिए बधाई दी जानी चाहिए। बाबूलाल मरांडी फर्जी कागजात बनाकर बांट रहे हैं। इस दौर में फोटोकॉपी करने वाले दुकानदारों का व्यवसाय अच्छा चल रहा है। बाबूलाल मरांडी ने एक करोड़ रुपये गिनने का रोजगार तो पा ही लिया है।


