न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय झारखंड-सह-सदस्य जूविनाइल जस्टिस कमिटी श्री दीपक रोशन ने हजारीबाग अवस्थित बाल सुधार गृह का किया निरीक्षण

माननीय न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय झारखंड-सह-सदस्य जूविनाइल जस्टिस कमिटी श्री दीपक रोशन ने हजारीबाग अवस्थित बाल सुधार गृह का शनिवार को निरीक्षण किया| निरीक्षण के क्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश सिन्हा,उपायुक्त नैंसी सहाय, पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे|
बाल सुधार गृह प्रबंधन ने बताया कि यह बाल सुधार संप्रेषण गृह सन 2005 से संचालित है,इस केंद्र में वर्तमान में 94 बच्चे हैं| इस बाल सुधार गृह 5 जिलों के बच्चों के लिए नोटिफाइड है जिसमें हजारीबाग, चतरा,कोडरमा,गिरिडीह एवं रामगढ़ प्रमुख है| इस सुधार गृह में बच्चों को हर प्रकार की सुविधाएं दी रही है| इसी कड़ी में बच्चों ने माननीय न्यायमूर्ति के समक्ष अपने द्वारा बनाए गए विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन करते हुए बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृति, पेंटिंग, गिफ्ट आइटम व गीत संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी| बच्चों द्वारा दिए गए प्रस्तुति पर न्यायमूर्ति ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मुख्य अतिथि मैं नहीं बल्कि बच्चे हैं| यहां पर रह रहे बच्चों में काफी प्रतिभा है,उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने आप को अच्छे कार्यों में व्यस्त रखें, यहां से अच्छे हुनर सीख कर बाहर की दुनिया में अपना नाम करे| अच्छी आदतों को आत्मसात करें मसलन योगा,संगीत,हुनर पर ध्यान केंद्रित करें| इस दौरान बच्चों ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए अपने द्वारा तैयार की गई राखी,स्ट्रेस मैनेजमेंट थेरेपी के लिए बनाए गए सामानों, मंडाला आर्ट आदि को भेंट स्वरूप दिया| उन्होंने बच्चों से बहुत जल्द हिंदी टाइपिंग,कंप्यूटर कोर्स आदि का प्रशिक्षण शुरू करने का भरोसा दिलाया|
इस अवसर पर उपायुक्त ने न्यायमूर्ति को संबोधित करते हुए बताया कि जिला प्रशासन की तरफ से इस केंद्र में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं| भवन मरम्मती,वॉच टावर,वोकेशनल ट्रेनिंग आदि पर भी कार्य करने की योजना है, उन्होंने सभी प्रकार की मदद का आश्वासन देते हुए बच्चों को शुभकामनाएं दी|
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा देखकर मैं अत्यंत प्रभावित हूं| राज्य के अन्य जिलों की तुलना मे यह संप्रेषण गृह सबसे अच्छा है और ये बच्चों की मेहनत का नतीजा है,उन्होंने बच्चों से अच्छे हुनर के साथ बाहर आने की बात कही और जीवन में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी|
मौके पर प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश ने भी बच्चों की प्रतिभा देखकर भूरी-भूरी प्रशंसा की और जीवन की कठिनाइयों को पार कर समाज के अच्छे नागरिक बनने की सलाह दी|
इस दौरान माननीय न्यायमूर्ति ने संपूर्ण संप्रेषण गृह का निरीक्षण किया| उन्होंने छात्रावास,भोजन कक्ष, बच्चों द्वारा निर्मित मंदिर आदि का अवलोकन किया| मौके पर सम्प्रेषण गृह में गायन,क्विज,हस्तशिल्प,अनुशासन एवं प्रबंधन,नागपुरी नृत्य,चित्रकारी,क्राफ्ट में अच्छे कार्य कर रहे बच्चों के हुनर और मनोबल को ऊँचा रखने के उद्देश्य से सम्मानित किया| इस अवसर पर उन्होंने सम्प्रेषण गृह परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन की सीख दी|
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय प्रसाद,प्रभारी चिकित्सक डॉ राहुल,जूविनाइल जस्टिस के सदस्य विनीता जैन व अन्य मौजूद थे|
Source : IPRD. Hazaribagh


