पुतिन का पागलपन:रूसी फौज यूक्रेनी सैनिकों के मासूम बच्चों और बुजुर्गों को भी कत्ल कर रही; अब तक 2 हजार आम नागरिकों की मौत

यूक्रेन पर कब्जे के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हर हथकंडा अपना रहे हैं। वो किसी भी कीमत पर जंग जीतना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की फौज बिल्कुल दरिंदों और हैवानों की तरह बर्ताव कर रही है। हालात ये हैं कि यूक्रेनी सैनिक और पुलिस तो ठीक, उनके परिवारों और यहां तक कि नवजातों को भी पुतिन के सैनिक कत्ल कर रहे हैं। यह कत्ल भी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर कत्ल-ए-आम है।
रूस पर गंभीर आरोप
अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, नाटो और यूक्रेन जंग के पहले दिन से ही आरोप लगा रहे हैं कि रूसी फौज हमले की आड़ में आम नागरिकों की भी हत्या कर रही है। इसके कई सबूत भी सामने आ चुके हैं, लेकिन रूस ने कई बार साफ तौर पर कहा है कि उसकी फौज ने अब तक किसी बेकसूर को नहीं मारा। हालांकि, उसने यह भी माना है कि हमलों की जद में आने की वजह से कुछ लोगों की मौत धोखे से हुई होगी।
ये मामला कैसे सामने आया
‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने कुछ ऐसे यूक्रेनी सैनिकों या पुलिस अफसरों के बारे में जानकारी हासिल की है, जिनके परिवारों को भी जंग के जुनून में रूसी सैनिकों ने खत्म कर दिया। इनमें से एक परिवार के बारे में तफ्सील से जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ओल्ग फेदको की उम्र 30 साल थी। वो र्खेसन इलाके में तैनात थे। उनके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चे महफूज जगह की तलाश में कार में जा रहे थे।
भाई ने क्या बताया
रूसी फौज की हैवानियत की जानकारी ओल्ग के भाई डेनिस ने लोकल मीडिया को दी है। डेनिस ने इसी दौरान मां को फोन किया था। रूसी सैनिकों ने उनकी कार को रोककर उसे घेर लिया था। उस वक्त वो रूसी सैनिकों से उन्हें छोड़ देने की गुहार लगा रहीं थीं। उनका फोन होल्ड था, इसी दौरान गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी।
Source : Dainik Bhaskar



