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राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2025 में कुछ असाधारण उम्मीदवारों ने सबका ध्यान खींचा।

तेलंगाना की 38 वर्षीय भूक्या सरिता ने अपनी बेटी कावेरी के साथ परीक्षा दी, जबकि आंध्र प्रदेश की 71 वर्षीय पोटुला वेंकटलक्ष्मी ने साबित कर दिया कि सीखने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है।

भूक्या सरिता, जो वर्तमान में एक पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (आरएमपी) हैं, ने हमेशा डॉक्टर बनने का सपना देखा था। शादी और मातृत्व के कारण उनकी पढ़ाई बीच में छूट गई थी। अब, अपनी दो बेटियों की परवरिश के बाद, उन्होंने अपनी बेटी कावेरी को नीट की तैयारी करते देख खुद भी परीक्षा देने का फैसला किया। माँ और बेटी दोनों ने अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षा दी, जो दृढ़ता और आजीवन सीखने का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। एक और प्रेरणादायक कहानी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा की 71 वर्षीय पोटुला वेंकटलक्ष्मी की है। इस उम्र में नीट जैसी कठिन परीक्षा में शामिल होकर उन्होंने युवाओं सहित सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। परीक्षा केंद्र पर उनकी उपस्थिति ने साबित कर दिया कि शिक्षा और सपनों की कोई उम्र नहीं होती। उनकी इस अटूट इच्छाशक्ति ने सभी को प्रभावित किया और यह संदेश दिया कि सीखने की कोई सीमा नहीं होती।

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