पत्रकारों से मिलने रिक्शे से आने में भी संकोच नहीं करते थे कर्पूरी ठाकुर, अब मिलेगा सबसे बड़ा सम्मान
बिहार जैसे संवेदनशील राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर से मिलना मेरे और उनसे मुलाकात चाहने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए लिए हमेशा आसान था। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ के लिए चुना गया है, ये मेरे लिए और यहां तक कि उनके प्रशंसकों के लिए भी थोड़ा हैरान करने वाला है। ‘जन नायक’ कर्पूरी ठाकुर का नाम मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने वाले महापुरुषों की सूची में शामिल हो गया है, जिनमें लालबहादुर शास्त्री, पंडित मदनमोहन मालवीय, लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसे नाम हैं।
…तो ऐसे थे हमारे जन नायक
स्कूली छात्र के रूप में मैंने उन्हें बिहार की राजधानी के कदम कुआं स्थित जगत नारायण लाल मार्ग पर जयप्रकाश नारायण के विशालकाय आवास पर कई बार देखा था। जब मैं पीटीआई से जुड़ा था तो कर्पूरी ठाकुर विपक्ष के नेता थे। वो 1970 के दशक में दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके थे, लेकिन उन्हें समाचार संस्थानों, विशेषकर पीटीआई के कार्यालय तक आने के लिए साइकिल-रिक्शा लेने में कोई हिचक नहीं होती थी।



