1 नंबर से मास्टरी की नौकरी छूटने का दर्द तुम क्या जानो फर्जी वालों! महिला कैंडिडेट ने निकाली भड़ास
बिहार में बीपीएससी के तहत पहले चरण में एक लाख 20 हजार खाली पदों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। दूसरे चरण की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इतना ही नहीं, विभाग तीसरे चरण की तैयारी में भी जुटा हुआ है। प्रथम चरण में बहुत सारे अभ्यर्थी विभिन्न कारणों से नियुक्ति से वंचित हो गए थे। कुछ अभ्यर्थियों की उम्र समाप्त हो चुकी थी, तो कुछ एक से दो नंबर की कमी के चलते शिक्षक नहीं बन सके थे। वंचितों में बड़ी संख्या में पुरुष के साथ महिला अभ्यर्थी भी हैं। एक महिला ने सोशल मीडिया पर बहाली प्रक्रिया को लेकर नीतीश सरकार पर खूब तंज कसी है। महिला का वीडियो अब खूब वायरल हो रहा है।
दर्द बयां के तरीके से लग रही अभ्यर्थी!
महिला वीडियो में जिस तरीके से दर्द बयां कर रही है, उससे लगता है कि वह किसी कारण से शिक्षक नियुक्ति से वंचित रह गई है। नौकरी नहीं हो पाने से महिला काफी आहत लगती है। मानो वह अंदर से पूरी तरह टूट चुकी है, निराश हो चुकी है। शिक्षिका नहीं बन पाने से आहत इस महिला कहां की है, पता नहीं चल सका है, पर भाषा से वह बिहार की लगती है। वीडियो में वह नीतीश सरकार का नाम लेकर खूब कोस रही है और तंज भी कस रही है। उसे अफसोस इस बात का है कि उम्र सीमा समाप्त होने और एक से दो नंबर की कमी के चलते बहुत सारे अभ्यर्थियों को शिक्षक की नौकरी से वंचित होना पड़ा है। वह आग्रह तो नहीं, लेकिन घुमाकर सरकार से कहना चाहती है कि ऐसे अभ्यर्थियों की बहाल कर लेना चाहिए था।
का हो नीतीश चाचा…
वह कहती है कि योग्य अभ्यर्थी एक-दो अंक की कमी से नियुक्त नहीं हो सके और फर्जी लोग टीचर बन गए। उसने बीपीएससी प्रशासन को भी नहीं छोड़ा है। महिला ने बीपीएससी पर घटिया रिजल्ट देने का आरोप लगाया है और पूछा है कि कौन सी ऐसी परीक्षा है, जिसमें वैकेंसी से कम रिजल्ट दिया जाता है। जब सीट ही बचाना था, तो परीक्षा क्यों लिया। वह तंज कसते हुए कहती है कि 1.20 लाख शिक्षक की बहाली का वाहवाही कर लिया। कितना बहाल हुआ, यह सरकार की ईमान ही जानती होगी। काफी गुस्से में दिख रही महिला आगे कहती है कि 11 में से एक फर्जी निकल रहा है। यह हाल एक प्रखंड का है, पूरे बिहार में 534 प्रखंड है, तो यहां कितने फर्जी शिक्षक निकलेंगे?



