‘रामविलास पासवान ने हमें उत्तराधिकार सौंपा’, पशुपति पारस के दावे में छुपा चिराग के लिए चैलेंज
राष्ट्रीय लोजपा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने मंगलवार को कहा कि हाजीपुर की जनता ने हमारे परिवार को विश्व स्तर पर सम्मान दिया है। हमारे बड़े भाई रामविलास पासवान ने हमें अपना उत्तराधिकार सौंपते हुए हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने का आदेश दिया था। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने हाजीपुर के अक्षयवट राय स्टेडियम में लोजपा का स्थापना दिवस धूमधाम एवं भव्य तरीके से मनाया। स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पारस ने कहा कि मैं जब तक जीवित हूं, रामविलास पासवान की कर्मभूमि हाजीपुर की जनता का सेवा करता रहूंगा।
पारस का दावा
उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान जिस विभाग के मंत्री रहे, उस विभाग से हाजीपुर की जनता के लिए कुछ न कुछ उपहार दिया था, उन्होंने हाजीपुर में रेलवे का जोनल ऑफिस सहित कई तरह की सड़क, पुल, दूरसंचार सहित कई तरह की जनसुविधाएं दी। हमने भी हाजीपुर में युवाओं को लिए अपने विभाग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग से ट्रेनिंग सेंटर खुलवाया। साथ ही यहां के बड़ी संख्या में गरीब-लाचार लोगों को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत मदद किया। उन्होंने कहा कि अगर बिहार सरकार जमीन दे तो वे अपने विभाग से हाजीपुर में केन्द्रीय स्तर का विश्वविद्यालय बनायेगें।
चिराग की दावेदारी
उन्होंने कहा कि उनके बड़े भाई स्व. रामविलास पासवान ने देश में दलितों के लिए बहुत तरह का काम किया। वे सवर्ण आरक्षण के बड़े पक्षधर रहे थे। पारस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रामविलास पासवान को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करने और हाजीपुर स्टेशन का नाम स्व. पासवान के नाम पर करने का आग्रह किया। ध्यान रहे कि इससे पूर्व चिराग पासवान हाजीपुर लोकसभा सीट को लेकर बड़े-बड़े दावे करते रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि उनके चाचा के दावे में कोई दम नहीं है। चिराग पहले भी कहते रहे हैं कि हाजीपुर उनके पिताजी का संसदीय क्षेत्र है। वहां से वे चुनाव लड़ेंगे और इस सीट पर उनकी दावेदारी है। चिराग की दावेदारी को लगातार चाचा नकारते रहे हैं। सवाल सबसे बड़ा है कि हाजीपुर सीट पर किसकी दावेदारी में दम है



