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कनाडा को क्वाड से जोरदार झटका, भारत के पक्ष में खुलकर आया जापान, फेल हुआ ट्रूडो का प्लान

कनाडा खालिस्तान के कारण भारत का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विरोध करने में जुटा है। लेकिन उसकी एक भी कोशिश कामयाब नहीं हो रही है। शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग न्यूयॉर्क में क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा उठाने की कोशिश हुई। लेकिन अभी तक जापान इससे सहमत नहीं हुआ है। कनाडा ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों का हाथ बताया है।

क्वाड में जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और यूएस हैं। कनाडा भले ही इस ग्रुप में नहीं है, लेकिन इस मुद्दे को उठाने की कोशिश हो रही है। इस घटनाक्रम से जुड़े एक व्यक्ति ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा कि भारत इसके पक्ष में नहीं है और जापान भी इसके लिए तैयार नहीं हुआ। जापान को भी लगता है कि क्वाड इस मुद्दे की चर्चा का मंच नहीं है। बताया जा रहा है कि क्वाड का जनादेश पूरी तरह से अलग है और विदेश मंत्रियों की मीटिंग सुरक्षित इंडो पैसिफिक क्षेत्र बनाने पर केंद्रित होगी।

भारत के साथ आए दोस्त

जस्टिन ट्रूडो के आरोपों पर भारत शांत तरीके से वैश्विक शक्तियों को अपना पक्ष रख रहा है। क्वाड एक रणनीतिक मंच है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं। क्वाड नेताओं की तीसरी व्यक्तिगत बैठक हिरोशिमा में हुई थी। इस बैठक में हिंद प्रशांत क्षेत्र के कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। इसके साथ हिंद प्रशांत क्षेत्र के सैन्यीकरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। इसी हफ्ते कनाडा ने सुझाव दिया था कि निज्जर की हत्या के मामले में जी-7 देश एक संयुक्त बयान जारी करें। तब भी जी-7 के वर्तमान अध्यक्ष जापान ने कनाडा की इस मंशा को रोक दिया था। फ्रांस और इटली ने भी कनाडा का समर्थन नहीं किया था।

भारत को दिया था सबूत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि उनके देश ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के बारे में ‘विश्वसनीय आरोपों’ के सबूत भारत के साथ कई सप्ताह पहले साझा किए थे और कनाडा चाहता है कि नयी दिल्ली इस गंभीर मसले पर तथ्यों की तह तक जाने के लिए ओटावा के साथ ‘प्रतिबद्धता के साथ काम करे।’ ट्रूडो ने ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी नेता निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता का आरोप लगाया है जिससे कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था। भारत ने इन आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ कहकर आक्रामक रूप से खारिज कर दिया और इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया।

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