पर्सनल खुन्नस साइड में रखें, जुबान पर काबू रहे… CWC मीटिंग में खरगे ने कांग्रेसियों को क्या घुट्टी पिलाई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को पार्टी नेताओं से कहा कि हमारा लक्ष्य 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराना होना चाहिए। खरगे ने कहा कि अगले साल महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के 100 साल पूरे हो रहे हैं। बापू को सबसे उचित श्रद्धांजलि 2024 में भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के दूसरे दिन खरगे ने कहा, ‘हम सभी आगे आने वाली चुनौतियों से अवगत हैं। ये चुनौतियां सिर्फ कांग्रेस की नहीं हैं, बल्कि ये भारतीय लोकतंत्र के अस्तित्व और भारतीय संविधान के संरक्षण की चिंता को लेकर हैं।’ कांग्रेस प्रमुख ने नसीहत देते हुए कहा, ‘हमें व्यक्तिगत हितों को किनारे रखकर अथक परिश्रम करना चाहिए। हमें अपने व्यक्तिगत मतभेदों को किनारे रखकर पार्टी की सफलता को प्राथमिकता देनी चाहिए। हमें आत्म-संयम रखना चाहिए और अपने नेताओं या पार्टी के खिलाफ मीडिया में बयान देने से बचना चाहिए। ताकि पार्टी के हित सुरक्षित रहें और कोई नुकसान न हो।‘
आराम करने का वक्त नहीं, खरगे ने कांग्रेसियों को चेताया

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि महत्वपूर्ण लोकसभा चुनावों से पहले, इस साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इसलिए पार्टी को इन सभी राज्यों और जम्मू-कश्मीर में संभावित विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। खरगे ने छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों राज्य सरकारों ने सामाजिक न्याय और कल्याणवाद का एक नया मॉडल पेश किया है। उन्होंने कहा, ‘हमें इन कल्याणकारी योजनाओं का पूरे देश में प्रचार करना चाहिए।’
खरगे ने सीडब्ल्यूसी में मौजूद प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं से भी पूछा कि क्या उन्होंने ब्लॉक और जिला स्तर पर अपनी समितियां तैयार कर ली हैं और क्या वे नियमित अंतराल पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और क्या उन्होंने संभावित उम्मीदवारों की पहचान करनी शुरू कर दी है। खरगे ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के हैदराबाद में ही 1953 में दिए उस वक्तव्य का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अनुशासन की भावना पर जोर दिया था। नेहरू के अंदाज में पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमारे लिए आराम करने का समय नहीं है। नेहरू ने नारा दिया था, ‘आराम हराम है।’



