Uncategorized

तब बीजेपी संग एनसीपी की बनती सरकार, शिंदे की नहीं… प्रफुल्ल पटेल ने बताया पिछले साल क्या हुआ था

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को बड़ी बात कही। पटेल ने दावा किया कि 2022 में जब एकनाथ शिंदे 40 विधायकों को सूरत और गुवाहाटी ले गए थे, तो यह तय था कि एमवीए सरकार गिर जाएगी। ऐसे में एनसीपी के 53 में से 51 विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष शरद पवार से भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हाथ मिलाने की संभावना तलाशने के लिए कहा था। एनसीपी से बगावत कर सत्तारूढ़ बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में शामिल हुए अजित पवार का साथ देने वाले प्रफुल्ल पटेल ने एक न्‍यूज एजेंसी को दिए इंटरव्‍यू के दौरान यह बातें कहीं। उन्‍होंने कहा कि अगर एनसीपी, शिवसेना के साथ सरकार बना सकती है तो बीजेपी के साथ क्यों नहीं। दरअसल रविवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने पार्टी में बगावत करते हुए सत्तारूढ़ सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।

अजित पवार के अलावा छगन भुजबल और हसन मुशरिफ समेत एनसीपी के आठ अन्य विधायकों ने भी शिंदे सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। शिंदे की बगावत के कारण पिछले साल जून में राज्य में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। बाद में शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए थे। पटेल ने कहा कि पिछले साल बीजेपी गठबंधन में शामिल होने को लेकर एनसीपी में चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि विधायकों ने इस पर चर्चा की थी।‘2 व‍िधायक नहीं जाना चाहते थे बीजेपी संग’
राज्यसभा सदस्य ने कहा क‍ि इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया था। अब इसे आकार दिया गया है। फैसला एक पार्टी के तौर पर लिया गया है न कि मेरे या अजित पवार की ओर से लिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जयंत पाटिल उन 51 विधायकों में से एक थे जो चाहते थे कि शरद पवार सरकार में शामिल होने की संभावना तलाश करें। उन्होंने कहा कि केवल अनिल देशमुख और नवाब मलिक चर्चा में शामिल नहीं थेएनसीपी मंत्रियों ने शरद पवार को ल‍िखा था पत्र’
पटेल ने कहा क‍ि एनसीपी मंत्रियों ने शरद पवार को एक पत्र लिखकर कहा था कि पार्टी को सत्ता से बाहर नहीं रहना चाहिए। सरकार में शामिल होने की संभावना तलाशने में कोई हर्ज नहीं है। यह पूछे जाने पर कि सरकार में शामिल होने का कदम क्यों नहीं उठाया गया था, इस पर उन्होंने कहा क‍ि कोई निर्णय नहीं लिया गया और दूसरे पक्ष को लगा होगा कि हमारी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शरद पवार के काफी करीब होने के बावजूद उन्हें कुछ महीने पहले उनके पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने के फैसले के बारे में मालूम नहीं था।शरद पवार सभी के लिए पितातुल्य’
उन्होंने कहा क‍ि मुझे नहीं लगता कि शरद पवार मुझसे नाराज होंगे। वह मेरे बारे में जो भी सोचते हैं, मैं उसका सामना करूंगा। पटेल ने कहा क‍ि शरद पवार हमारे गुरु हैं। हम हमेशा उनका और उनके पद का आदर करेंगे। वह हम सभी के लिए पितातुल्य हैं। हम अनादर की दृष्टि से उनकी तस्वीर का उपयोग नहीं करते, यह वास्तव में उनके प्रति हमारा सम्मान है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button