राज्य सरकार का यह आश्वासन उस याचिका के जवाब में आया है जिसमें हिंसा के आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ राज्य द्वारा की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।
बहराइच में हुई हिंसा के बाद, आरोपियों के घरों और संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी, जिसे लेकर आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आरोपियों पर बुलडोजर चलाने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस बात को रिकॉर्ड पर लिया और कहा कि अगर किसी तरह की अवैध कार्रवाई होती है तो प्रभावित पक्ष अदालत में अपनी याचिका डाल सकता है। साथ ही, अदालत ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई गैरकानूनी कार्रवाई न की जाए।
इससे पहले, यूपी में कई बार बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जहां प्रशासन द्वारा आरोपियों की संपत्तियों को ध्वस्त किया जाता रहा है। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से उचित और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सरकार के इस आश्वासन के बाद याचिकाकर्ताओं ने राहत की सांस ली है, हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को कानून के दायरे में रहकर ही किसी भी प्रकार की कार्रवाई करनी होगी।
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