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झारखंड पुलिस को मिली बड़ी सफलता:बीमा नवीनीकरण के नाम पर CCL अधिकारी से 64.25 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने 64 लाख 85 हज़ार 692 रुपये की ठगी मामले में नई दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संदीप कुमार उर्फ संदीप सैनी के रूप में की गई है। रांची साइबर अपराध थाने की पुलिस ने उसे नई दिल्ली स्थित कल्याणपुरी से गिरफ्तार किया है। उसका पूर्व आपराधिक इतिहास रहा है। वह पूर्व में मुरादाबाद से जुड़े साइबर अपराध के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपी के पास से ठगी से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

साइबर ठगी के इसी मामले में रांची की साइबर अपराध थाने की पुलिस ने 8 नवंबर 2021 को एक अन्य आरोपी रवि सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया था। वह उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला था। वर्तमान में यह रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद है।

इस कांड के शिकायतकर्ता रांची के रातू रोड हेहल स्थित काजू बागान निवासी ओम प्रकाश वर्मा हैं। वह CCL के अधिकारी हैं। उन्होंने साइबर अपराध थाने में 3 मार्च 2021 को ठगी व साइबर अपराध की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पूरे मामले का अनुसंधान कर रहे साइबर अपराध थाने के इंस्पेक्टर ब्रह्मदेव प्रसाद व उनकी टीम ने दिल्ली जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

कुछ ऐसे की गई ठगी
शिकायतकर्ता ओम प्रकाश वर्मा के अनुसार HDFC की उनकी बीमा डेड हो गई थी। बीमा चालू कराने और उसकी राशि वापस दिलाने के नाम पर साइबर अपराधी ने अज्ञात नंबर से उन्हें कॉल किया। कॉल करने वाले ने उनसे कहा कि प्रोसेसिंग फ्री के रूप में उन्हें 14500 रुपये देने होंगे। इसके बाद से ही CCL के अधिकारी उसके झांसे में आते गए। कभी वित्त मंत्रालय तो कभी RBI में शुल्क जमा कराने के नाम पर 4 महीने के भीतर साइबर अपराधी ने उनसे 64 लाख 85 हज़ार की ठगी कर ली। इसकी जानकारी उन्हें तब मिली जब उन्होंने वित्त मंत्रालय और RBI से संपर्क साधा। वहां के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कोई कॉल नहीं किया था।

इसके बाद ही ओम प्रकाश वर्मा को यह पता चल गया कि वह ठगी के शिकार हो गए हैं। इसके बाद वे साइबर अपराध थाने पहुंचे और उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई। अपराधियों ने उनसे 64 लाख, 85 हज़ार 692 रुपये, 40 विभिन्न खातों में अवैध हस्तांतरण कराते हुए ठगी कर ली थी। साइबर अपराध थाने की पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में अपराधियों का पता लगाया और उनकी गिरफ्तारी की है।

ऐसे करते हैं साइबर ठगी
साइबर अपराध थाने की पुलिस के अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है कि साइबर अपराधी विभिन्न फर्जी नंबरों से लोगों को कॉल करते हैं। बंद हो चुके बीमा को फिर से शुरू करने या ऋण दिलाने के नाम पर लोगों को प्रलोभन देकर विभिन्न बैंक खातों में धोखे में विश्वास में लेकर ठगी करते हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अज्ञात मोबाइल नंबर से इस तरह के कॉल आने पर अपनी निजी जानकारी साझा ना करें।

Source : Dainik Bhaskar

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