इस तकनीक में रेडियोधर्मी आयनों के बीम का उपयोग करके चूहों में ट्यूमर का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है।
यह तकनीक बहुत ही सटीक है क्योंकि यह केवल कैंसर कोशिकाओं को ही निशाना बनाती है और आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचाती। इस तरह, यह पारंपरिक विकिरण चिकित्सा की तुलना में कम दुष्प्रभावों वाली है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तकनीक का उपयोग मनुष्यों में कैंसर के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। यह तकनीक विशेष रूप से उन कैंसरों के लिए उपयोगी हो सकती है जो शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुके हैं।
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण खोज है और इससे कैंसर के इलाज में एक नई क्रांति आ सकती है।



