Uncategorized

जामताड़ा वाले ध्यान दें! सांप डस ले तो घबराने का नहीं, यहां पहुंचे जहर हो जाएगा छूमंतर

सांप का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में अनायास ही भय सताने लगता है। अनहोनी की चिंता होने लगती है। लोग चाहते भी हैं कि उन्हें सांप ना दिखे और अगर दिख भी जाए तो वह उन्हें कोई नुकसान ना पहुंचाए। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि जामताड़ा जिला सांप का घर है। जामताड़ा शब्द जाम और तारा को जोड़कर बनाया गया है। जाम का अर्थ संथाली में सांप होता है और तारा का अर्थ घर। अर्थात जामताड़ा का अर्थ सांप का घर है।

जामताड़ा के जहरीले सांप से बचने के उपाय

डीएफओ अजिंक रविदास बंकर ने बताया कि जामताड़ा जिले में विभिन्न प्रजाति के काफी मात्रा में सांप पाए जाते हैं। खासकर फतेहपुर, कुंडहित और नाला के जंगलों में अजगर और करेत सांप काफी संख्या में हैं। इस कारण आए दिन सांप जंगल से निकलकर घनी आबादी में आ जाता हैं। जिन लोगों द्वारा मार दिया जाता है या फिर वन विभाग को सूचना दी जाती है तो फिर उक्त सांप का रेस्क्यू किया जाता है।


दो दर्जन से ज्यादा लोगों की जा चुकी है जान

जामताड़ा जिले में काफी मात्रा में सांप रहने के कारण हर साल बरसात के सीजन में सांप काटने की घटनाएं होती रहती है। सिर्फ सदर अस्पताल में 2023 में 50 से ज्यादा सांप काटने के मरीज भर्ती हुए। वहीं जामताड़ा सहित पूरे जिले में सांप काटने से एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यही कारण है कि सरकार की ओर से जामताड़ा जिले के सदर अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम दवा उपलब्ध कराया गया है। ताकि अगर कहीं से भी सांप काटे मरीज आते हैं, तो उनका इलाज हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button