चीन ने रूस, ईरान से तेल खरीद पर अमेरिकी मांग ठुकराई।
बीजिंग, चीन: अमेरिका की उन मांगों के जवाब में.
जिनमें रूस और ईरान से तेल खरीदना बंद करने के लिए कहा गया था, चीन ने इन मांगों को खारिज कर दिया है। चीन ने कहा है कि वह अपने संप्रभु व्यापारिक हितों के अनुरूप काम करेगा। यह रुख अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में एक और नया अध्याय जोड़ता है।
यह विवाद तब गहराया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अप्रैल में दर्जनों देशों पर टैरिफ लगाने की एक व्यापक योजना का अनावरण किया था। उस समय, चीन एकमात्र ऐसा देश था जिसने इन टैरिफ के जवाब में अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई की थी। चीन का मानना है कि अमेरिका इस तरह के प्रतिबंध लगाकर वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
चीन ने साफ किया है कि वह अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के लिए स्वतंत्र है और किसी भी देश के दबाव में नहीं आएगा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि है और वह रूस व ईरान सहित विभिन्न देशों से तेल खरीदना जारी रखेगा। यह स्थिति यह दर्शाती है कि अमेरिका की एकतरफा व्यापार नीति वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को कैसे प्रभावित कर रही है।



