रांची में रामनवमी पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम संगठनों ने जगह-जगह किया जुलूस का स्वागत

रामनवमी पर्व को लेकर रांची में उत्सह देखते ही बन रहा है. इस मौके पर राजधानी की सड़कों पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई. इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भूमिका देखने को मिली. ऐसे में रामनवमी के पर्व में शांति और भाईचारगी बनी रहे, इसके लिए हर महजब के लोगों ने इस शोभायात्रा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. शायर अल्लामा इक्बाल ने लिखा है “है राम के वजूद पर हिंदुस्तांन को नाज, अहले नजर समझते हैं इनको इमाम-ए-हिंद”. रांची के विभिन्न मुस्लिम संगठनों, तंजीमों, सोसाइटी और अंजुमनों ने अल्लामा इक्बाल के ही रास्ते पर चलते हुए रामनवमी की शोभायात्रा का शानदार स्वागत किया.
जुलूस लेकर चल रहे सभी अखाड़ों के अखाड़ा प्रमुख का पगड़ी बांध और शील्ड देकर मुस्लिम संगठनों ने जोरदार स्वागत किया. रमज़ान के इस पवित्र माह में स्वागत शिविर पर ही रोजेदारों ने रोजा खोला. यह मौका इतना खूबसूरत था, जो हिंदुस्तान में ही सम्भव है. सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष मो. सईद, अकीलुर रहमान, आफताब आलम, तौहीद, मो. इस्लाम ने कहा कि कमेटी की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कैफे मुगल के सामने स्वागत शिविर लगाकर शोभायात्रा में चल रहे श्रद्धालु और रामभक्तों का चना, गुड़ और शर्बत-पानी से स्वागत किया जा रहा है.


