Uncategorized

केके पाठक भी पीट लेंगे अपना माथा! एडमिशन 3500 प्रेजेंट 83, खौफ ऐसी कि DEO को सर्दी में आ गए पसीने

शिक्षा विभाग स्कूलों की व्यवस्था में सुधार के लिए तमाम हथकंडे अपना चुका है। सुधार हुआ भी है। हालांकि अब भी कई स्कूल ऐसे हैं जहां बेहतर सुधार की जरुरत है। सीतामढ़ी जिले में एक मॉडल हाईस्कूल का हाल जानकर अपर मुख्य सचिव केके पाठक भी हैरान रह जाएंगे। वह माथा जरूर पकड़ लेंगे। केके पाठक यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि जुलाई 2023 से सुधारों की दिशा में लगातार पहल की गई। फिर भी किस कमी के चलते सीतामढ़ी के इस हाईस्कूल का हाल नहीं बदला। पूरा मामला ऐसा है कि इस स्कूल में 3500 स्टूडेंट्स का एडमिशन है लेकिन जब डीईओ ने जांच की तो मिले उपस्थिति महज 83 छात्रों की नजर आई।

bihar

कभी नजीर हुआ करता था यह हाईस्कूल

हम बात कर रहे सीतामढ़ी के जिला हाईस्कूल यानी एमपी हाई स्कूल डुमरा की, जहां एक दशक पहले तक व्यवस्था देखते बनती थी। यहां का अनुशासन और पढ़ाई-लिखाई नजीर था। यहां के छात्रावास में सैकड़ों बच्चे रहते थे। अब हॉस्टल नहीं है। जिले के लोग बड़े शौक और शान से इस जिला हाईस्कूल में अपने बच्चों का नामांकन कराते थे, लेकिन अब वो बात नहीं है। मामला यह है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने स्कूलों में निरीक्षण को लेकर निर्देश दिया है। इसी के तहत डीईओ प्रमोद कुमार साहू बुधवार को जिला स्कूल में पहुंचे थे। निरीक्षण के लिए जाने के दौरान डीईओ साहू सोचे होंगे कि जिला स्कूल है, तो यहां का हाल ठीक होगा, पर उन्हें निरीक्षण के बाद निराशा ही हाथ लगी।

छात्रों की उपस्थिति काफी कम

बताया गया कि इस हाईस्कूल में करीब तीन हजार से ज्यादा छात्र रजिस्टर हैं। जब डीईओ ने नामांकन रजिस्ट्रेशन की जांच की, तो पता चला महज 83 छात्र स्कूल पहुंचे हुए हैं। छात्रों की उपस्थिति का यह आंकड़ा देख और जान कर एक पल तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। हालांकि, सच्चाई तो सच्चाई होती है। बच्चों की काफी कम संख्या पर डीईओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिला हाईस्कूल की व्यवस्था को नजदीक से देख डीईओ हैरान रह गए।

कूड़ा-करकट देख डीईओ का गुस्सा बढ़ा

डीईओ साहू का गुस्सा तब और बढ़ गया, जब स्कूल के कमरों में कागज और अन्य सामग्री का ढेर पड़ा देखा। जगह-जगह गंदगी देख डीईओ को यह समझते देर नहीं लगी कि यहां सबकुछ ठीक-ठाक नहीं है और बहुत सुधार की जरुरत है। उन्होंने प्रधान शिक्षक को एक सप्ताह के अंदर गंदगी की सफाई कराने के साथ रजिस्टर्ड बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का निर्देश दिया। इस हाईस्कूल की व्यवस्था से डीईओ इस हद तक खफा थे कि निरीक्षण के बाद ऑफिस लौटते ही बड़ा एक्शन लिया। स्कूल में स्थिति सुधरने तक प्रधान शिक्षक और तमाम टीचर के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दिया। साथ ही बदतर व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रधान शिक्षक की कार्यशैली से निराशा

निरीक्षण में डीईओ साहू ने पाया कि एमपी हाईस्कूल में अलग-अलग सेक्शन के लिए फंड उपलब्ध है। जिसमें डुमरा प्रखंड के मध्य विद्यालय, गीताभवन और मध्य विद्यालय, मधुबन में दीवारों का निर्माण कराया जाना है। यह काम भी एमपी के प्रधान शिक्षक के जिम्मे ही है। इसका एस्टीमेट प्रधान शिक्षक के पास उपलब्ध रहने के बावजूद बाउंड्री का कार्य शुरू नहीं कराने पर डीईओ ने नाराजगी जताई। निरीक्षण और उसमें मिली गड़बड़ियों की पुष्टि डीईओ ने की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button