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ओ भाई इतना कॉन्फिडेंस! रिजल्‍ट देखे बिना ही सुपर कॉप ने मनाया जश्‍न, इस IPS का अलग लेवल

वैभव बैंकर 2019 बैच के IPS अधिकारी हैं। एस्पिरेंट से लेकर यूपीएससी क्रैक करने की उनकी कहानी गजब की है। वह छत्‍तीसगढ़ के दुर्ग में पोस्‍टेड हैं। वैभव अपने रिजल्‍ट वाले दिन 4-5 दोस्‍तों संग बैठे थे। तभी उनके एक और दोस्‍त का फोन आया। उसने रिजल्‍ट की जानकारी दी। तब वैभव ने सभी से दूर जाकर अकेले में पीडीएफ खोला। उन्‍होंने न रैंक देखी न नाम। जोर से चिल्‍लाये – यार हो गया।

कॉलेज के आखिरी साल से शुरू की तैयारी

कॉलेज के आखिरी साल से शुरू की तैयारी

कॉलेज के आखिरी साल से वैभव ने यूपीएससी के लिए प्‍लानिंग शुरू कर दी थी। वह तैयारी करने के लिए दिल्‍ली आए थे। उनके पास बैक-अप प्‍लान भी था। वैभव ने सोच रखा था कि परीक्षा पास न कर सके तो आईटी सेक्‍टर में नौकरी कर लेंगे।

कई प्रयासों के बाद मिली सफलता

वैभव की कहानी अटूट दृढ़ता की मिसाल है। दो साल से ज्‍यादा समय के दौरान उन्होंने कुल सात प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। यह उनके समर्पण का सबूत था। हालांकि, यूपीएससी में उन्‍हें कामयाबी कई प्रयासों के बाद ही मिल पाई। अपने पहले प्रयास में नाकाम रहने के बाद वह दिल्‍ली छोड़कर अपने घर अहमदाबाद आकर तैयारी में जुट गए। आखिरकार पांचवें प्रयास में उन्‍हें सफलता मिली। उन्‍होंने 616वीं रैंक हासिल की।

तैयारी करने वालों को वैभव की यह सलाह

तैयारी करने वालों को वैभव की यह सलाह

आईपीएस वैभव बैंकर की यात्रा डेडिकेशन और फ्लेक्सिबिलिटी के महत्व को हाईलाइट करती है। यूपीएससी के कैंडिडेट्स को उनकी सीधी सलाह है। वह कहते हैं कि हर प्रयास में अपना शत प्रतिशत दो। कारण है कि सफलता अप्रत्याशित हो सकती है। वह अच्‍छी तरह से तैयारी और अपनी स्‍ट्रैटिजी पर बने रहने की बात कहते हैं।

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