बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के लुगु पहाड़ क्षेत्र में हाल ही में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गए आठ नक्सलियों के शवों का मंगलवार को चास स्थित पोस्टमार्टम हाउस में अंतिम परीक्षण किया गया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इन नक्सलियों के परिजन या कोई भी समर्थक पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे।
सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए इन आठ नक्सलियों में शामिल एरिया कमांडर अरविंद यादव का शव लेने के लिए उसके भाई अजय यादव जरूर बोकारो पहुंचे। पुलिस ने पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अरविंद यादव का शव उसके भाई को सौंप दिया, जिसे वह बिहार के जमुई स्थित उनके पैतृक गांव ले गए।
बाकी सात नक्सलियों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है और उनके परिजन भी आगे नहीं आए हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ शवों की शिनाख्त प्रक्रिया जारी है और यदि कोई परिजन आगे नहीं आता है तो नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार प्रशासन द्वारा किया जाएगा।
बोकारो पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुठभेड़ क्षेत्र से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्सली साहित्य बरामद किए गए हैं। यह अभियान नक्सलियों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन नक्सलियों का संबंध भाकपा (माओवादी) के सक्रिय दलों से था और वे लंबे समय से इस क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे। मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और पहाड़ के आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है।
लुगु पहाड़ में हुई यह मुठभेड़ राज्य में नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई की मिसाल बनकर सामने आई है। प्रशासन अब पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


