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मिजोरम में इंदिरा ने क्यों कराई एयर स्ट्राइक, एक प्लेन उड़ा रहे थे राजेश पायलट, पढ़िए पूरी कहानी

अविश्वास प्रस्ताव के जरिए विपक्ष ने मणिपुर हिंसा पर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। पीएम मोदी जवाब देने के लिए आए तो उन्होंने मिजोरम की एक घटना का जिक्र कर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र से मेरा एक इमोशनल अटैचमेंट है। इनको अंदाजा नहीं है। इसके बाद उन्होंने तीन घटनाओं का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने मिजोरम में असहाय नागरिकों पर अपनी वायुसेना के माध्यम से हमला करवाया था। वहां गंभीर विवाद हुआ था। कांग्रेसवाले जवाब दें कि क्या वो किसी दूसरे देश की वायुसेना थी? क्या मिजोरम के लोग अपने देश के नागरिक नहीं थे? उनकी सुरक्षा भारत सरकार की जिम्मेदारी थी या नहीं थी? निर्दोष नागरिकों पर हमला करवाया गया। आज भी 5 मार्च को पूरा मिजोरम शोक मनाता है। कभी इन्होंने मरहम लगाने की कोशिश नहीं की। कांग्रेस ने इस सच को देश से छिपाया है। कौन था उस समय- इंदिरा गांधी। अकाल तख्त पर हमला हुआ ये तो आज भी हमारी स्मृति में है। उनको उससे पहले ही ​मिजोरम में आदत लग गई थी। यहां हमें उपदेश दे रहे हैं। इसके बाद ट्विटर पर चर्चा शुरू हो गई कि उस दिन क्या हुआ था? भारतीय वायुसेना ने अपने ही देश में क्या निर्दोष नागरिकों पर हमले किए थे? इसकी पूरी कहानी पढ़िए।

कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्वीट किया, ‘इतिहास का गुड़ गोबर करने वाले प्रधानमंत्री मोदी एक भारी चूक कर गए। आपको इस देश की सबसे बहादुर बेटी इंदिरा गांधी की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाना चाहिए था। 1966 में मिजोरम में वायु सेना से बमबारी कराने का फैसला तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को क्यों लेना पड़ा, यहां समझिए। उन्होंने कहा कि 1966 में Mizo National Front के बागी आइज़ॉल पर कब्जा कर चुके थे। उन्हें भगाने के लिए भारतीय वायु सेना से बमबारी कराना जरूरी हो गया था। बमबारी की वजह से MNF के बागी भाग खड़े हुए उर फिर से भारत का आधिपत्य जमा।’

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