इंटरपोल रेड नोटिस वाले दो भगोड़े थाईलैंड और अमेरिका से निर्वासित, भारत में गिरफ्तार.
इंटरपोल रेड नोटिस का सामना कर रहे दो भगोड़ों को थाईलैंड और अमेरिका से निर्वासित किए जाने के बाद भारत में गिरफ्तार कर लिया गया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इन दोनों भगोड़ों को तमिलनाडु और गुजरात में अलग-अलग मामलों में वांछित होने के बाद गिरफ्तार किया।
पहली घटना:
जनार्दनन सुंदरम नाम के एक व्यक्ति को थाईलैंड से निर्वासित किया गया। उस पर निवेशकों के 87 करोड़ रुपये से अधिक के धन की हेराफेरी करने का आरोप है। उसे तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया।
दूसरी घटना:
वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल नाम के एक व्यक्ति को अमेरिका से निर्वासित किया गया। वह 20 साल से धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के एक मामले में वांछित था। उसे गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह खबर दिखाती है कि भारत सरकार भगोड़ों को पकड़ने के लिए कितनी सक्रिय है। इंटरपोल रेड नोटिस एक अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट है, जो किसी भी देश की पुलिस को किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की अनुमति देता है, जिसके खिलाफ वारंट जारी किया गया है।
यह खबर उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो अपराध करके विदेश भाग जाते हैं। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि वे कानून से बच नहीं सकते हैं और उन्हें किसी न किसी दिन अपने अपराधों का सामना करना पड़ेगा।



