इस अभियान के दौरान 10 किलो आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किया गया, जिसे नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल करने वाले थे। पुलिस और सीआरपीएफ की सतर्कता से इस षड्यंत्र को समय रहते विफल कर दिया गया।
संयुक्त अभियान की सफलता
चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने जानकारी दी कि उन्हें खुफिया सूत्रों से सूचना मिली थी कि नक्सली इलाके में किसी बड़ी घटना की फिराक में हैं। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए 10 किलो आईईडी को बरामद किया गया।
विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर आईईडी को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया। अधिकारियों का मानना है कि अगर यह विस्फोटक समय पर नहीं पकड़ा जाता, तो इससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।
नक्सली गतिविधियों पर कड़ी नजर
एसपी ने बताया कि इलाके में नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस और सीआरपीएफ के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि नक्सली दोबारा किसी घटना को अंजाम न दे सकें। सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। एक ग्रामीण ने कहा, “हमेशा नक्सलियों के डर में जीते थे, लेकिन अब पुलिस और सीआरपीएफ की सक्रियता से हमें सुरक्षा का अहसास हो रहा है।”
पुलिस का अगला कदम
पुलिस ने इस अभियान के बाद इलाके में सघन जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत नक्सली ठिकानों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
चाईबासा में पुलिस और सीआरपीएफ की इस बड़ी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में नक्सली गतिविधियों को खत्म करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।



