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सिंध हिंदुओं का था, है और हमेशा रहेगा..सीमा हैदर मामले पर गुस्‍साए पाकिस्‍तानी कट्टरपंथियों को हिंदू जर्नलिस्‍ट का करारा जवाब

सीमा हैदर मामले के बाद पाकिस्‍तान में हिंदू समुदाय डर के साए में रहने को मजबूर है। यहां पर उत्‍तरी क्षेत्र में बसे हिंदुओं को डकैतों ने डराया और धमकाया है। इसकी वजह से यहां के मंदिरों में भी दहशत और तनाव का माहौल है। धमकियों के बाद स्थानीय अधिकारियों ने मंदिरों पर पुलिस तैनात कर दी है। इस बीच एक हिंदू जर्नलिस्‍ट के ट्वीट पर कट्टरपंथी काफी भड़क गए हैं। वींगस जे नामक यह जर्नलिस्‍ट कराची में ही रहती हैं और इन्‍होंने सिंध क्षेत्र को लेकर एक ट्वीट किया था। सीमा हैदर जो पाकिस्‍तानी हैं वह इस समय भारत के राज्‍य उत्‍तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में सचिन राणा के साथ रह रही हैं। दोनों को पबजी पर प्‍यार हुआ था। सीमा का मसला पिछले काफी समय से दोनों मुल्‍कों में सुर्खियां बटोर रहा है।

‘सिंध हिंदुओं का था और रहेगा’

वींगस ने जो ट्वीट किया था, वह कुछ इस तरह से था, ‘ जब मैं सिंध और उसके इतिहास के बारे में बात करती हूं तो पाकिस्तान में लोग नाराज हो जाते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि हमारा इतिहास 40 के दशक या मोहम्मद बिन कासिम से शुरू नहीं होता है। सिंध हिंदुओं का है और हिंदू शब्द सिंधु से बना है। हमारी जड़ें सिन्धु/सिन्धु सभ्यता से जुड़ी हैं।’ सीमा ने यह ट्वीट अपने एक और ट्वीट के जवाब में किया था। वह ट्वीट कुछ इस तरह से था, ‘जो लोग सीमा जखरानी मामले पर सिंध में हिंदुओं को धमकी देते हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि सिंध हिंदुओं का था – सिंध हिंदुओं का है और सिंध हिंदुओं का रहेगा।’साल 2017 के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्‍तान के सिंध में हिंदू सबसे बड़ा धर्म है। यहां पर 1.4 मिलियन आबादी हिंदुओं की है। जबकि अगर पूरे पाकिस्‍तान की बात करें तो यहां पर चार मिलियन हिंदू रहते हैं। सिंध में कुल आबादी के 1.9 फीसदी हिंदू रहते हैं।सिंध में बसे हिंदू दहशत में
पाकिस्‍तान में सिंध में बसे हिंदू इस समय काफी डरे हुए हैं। सोशल मीडिया पर आ रहे अलग-अलग वीडियो में यहां के डकैतों ने प्रांत के विभिन्न जिलों में हिंदू समुदाय को धमकी दी है। उन्‍होंने कहा है कि सीमा को वापस पाकिस्तान वापस लाया जाए। सूत्रों के हवाले से द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि हिंदू मंदिरों की देखभाल करने वालों को उनकी गतिविधियां बंद करने के लिए कहा गया है। एक स्थानीय हिंदू ने बताया’ ‘हमारे पड़ोस में सत्संग भी आज से रद्द कर दिया गया है। इसके दौरान 300 से ज्‍यादा महिलाएं नियमित रूप से पूजा करती हैं। यह कदम सावधानी के चलते उठाया गया है। हम जोखिम नहीं ले सकते हैं।’

बढ़ाई गई सुरक्षा
एक और हिंदू ने कहा, ‘सीमा के मामले से हमारा कोई संबंध नहीं है। हमारी अपनी लड़कियों का नियमित रूप से अपहरण किया जा रहा है और उन्हें इस्लाम में परिवर्तित किया जा रहा है। सिंध में हिंदुओं के लिए कानून और व्यवस्था की स्थिति अनुकूल नहीं थी।’ हालांकिहिंदू समुदाय के बुजुर्गों को आश्वासन दिया गया है कि समुदाय के पूजा स्थलों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। दूसरी ओर, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के विधायक सरदार मुहम्मद बक्स महार ने कहा, ‘हिंदू हमारे भाई हैं। उन्हें चिंतित नहीं होना चाहिए। हमने पहले ही सुरक्षा बढ़ा दी है।’

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