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जो उद्धव ने कभी नहीं बोला संजय राउत ने कह दिया, जानिए एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा खुलासा

उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। खास बात यह है कि इस विषय में आज तक खुद उद्धव ठाकरे ने भी कुछ नहीं बोला है। यह बात उद्धव ठाकरे कई बार कह चुके हैं कि वो सीएम नहीं बनना चाहते थे। वो किसी और सीएम बनाना चाहते थे। हालांकि, उद्धव ठाकरे ने कभी ये साफ नहीं किया कि वो किसे मुख्यमंत्री बनाने वाले थे। राउत ने अब यही खुलासा किया है। राउत के दावे के मुताबिक साल 2019 जब ढाई- ढाई साल के सीएम का प्रस्ताव रखा तो बीजेपी ने शिवसेना से पूछा कि आपका मुख्यमंत्री कौन होगा? जिसपर एकनाथ शिंदे का नाम बताया गया था। राउत की माने तो इसी के बाद बीजेपी ने गठबंधन तोड़ दिया। अब तक उद्धव ठाकरे ने कभी नहीं कहा कि 2019 में एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने में बीजेपी के विरोध के कारण गठबंधन टूटा था। संजय राउत ने ये अलग जानकारी देकर एक नया सियासी धमाका किया है।

संजय राउत यहीं नई रुके उन्होंने कहा कि जब महाविकास अघाड़ी में शिवसेना को मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिला, तब उद्धव ठाकरे एकनाथ शिंदे को सीएम बनाना चाहते थे। उस दौरान शरद पवार ने कहा कि सरकार हमारे कई वरिष्ठ नेता मंत्री बनने जा रहे हैं। एकनाथ शिंदे अभी जूनियर हैं। इसलिए ये नेता उनके मातहत काम नहीं कर पाएंगे। इसलिए शरद पवार ने उद्धव ठाकरे से कहा कि आपको मुख्यमंत्री बनना चाहिए।

शरद पवार के आग्रह के कारण ही उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री का पद स्वीकार किया था। इस बात को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बार-बार स्पष्ट किया है। ठाकरे यह भी कह चुके हैं कि मेरी मुख्यमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं थी। साथ ही बीजेपी ने ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद का वादा भी नहीं निभाया था। उद्धव ठाकरे ने बताया था कि इसी वजह से शिवसेना-बीजेपी का गठबंधन टूटा। उद्धव ठाकरे यह बात भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी 2019 में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला अपनाती तो एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बन सकते थे।

क्या है संजय राउत का दावा?
संजय राउत ने बताया कि साल 2019 में तत्कालीन बीजेपी नेता एकनाथ खडसे ने उद्धव ठाकरे को फोन कर कहा था कि वह गठबंधन तोड़ रहे हैं। शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बात मालूम नहीं है। आखिर मोदी किसे गलत जानकारी दे रहे हैं? ये सवाल सामना अखबार के जरिए पूछा गया है। बीजेपी ने अपना वादा नहीं निभाया, इसलिए 2019 में दूसरी बार गठबंधन टूटा। तब बीजेपी ने एकनाथ शिंदे को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने से इनकार कर दिया था। बीजेपी ने अब उन्हीं एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बना दिया है। राउत ने कहा है कि मोदी को इसपर बात करनी चाहिए।

बीजेपी की साजिश
राउत ने कहा कि बीजेपी को ढाई-ढाई साल के सीएम का फॉर्मूला मंजूर नहीं था। बीजेपी ने जब यह पूछा कि आपका मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है? तब हमने एकनाथ शिंदे का नाम बताया था। लेकिन जैसे शिंदे का नाम बताया गया तो बीजेपी ने गठबंधन तोड़ दिया। आज वही एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर राज्य चला रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया है। राउत ने कहा कि इससे पता चलता है कि बीजेपी कितनी साजिश रचने वाली है।

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