नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान पर केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद, भारत ने अब सैन्य स्तर पर भी अपनी तैयारियों को तेज़ कर दिया है। गुरुवार को भारतीय वायुसेना ने राफेल और सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के साथ आक्रमण अभ्यास शुरू कर दिया है। यह अभ्यास भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में किया जा रहा है।
वायुसेना सूत्रों के अनुसार, यह अभ्यास पूरी तरह से युद्धस्तर की तैयारियों के तहत हो रहा है। राफेल, जो कि भारत की सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान प्रणाली है, को विशेष मिशन पर तैनात किया गया है। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई विमान भी दिन-रात उड़ान भरकर दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
इन तैयारियों के प्रमुख बिंदु:
सीमा पर एयर पैट्रोलिंग बढ़ाई गई: सीमावर्ती क्षेत्रों में एयरफोर्स की गतिविधियां तेज़ कर दी गई हैं। पाकिस्तान की ओर से किसी भी संभावित कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी है।
एयरबेस अलर्ट पर: सभी एयरबेस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। फाइटर जेट्स को रैपिड रिस्पॉन्स के लिए तैयार स्थिति में रखा गया है।
इंटेलिजेंस और सर्विलांस बढ़ा: ड्रोन और रडार सिस्टम के माध्यम से दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभ्यास केवल एक संदेश नहीं बल्कि एक सख्त चेतावनी है कि भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सैन्य स्तर पर भी जवाब देने को तैयार है।
सरकार का स्पष्ट संकेत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, और पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा।



