सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेडिकल फर्म के खिलाफ समन आदेश रद्द.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक मेडिकल फर्म के खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि यह समन आदेश पूरी तरह से आधारहीन था।
क्या था मामला?
यह मामला एक दवा निर्माता कंपनी द्वारा दायर अपील पर सुनवाई के दौरान आया था। कंपनी ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के एक फैसले को चुनौती दी थी जिसमें कंपनी के खिलाफ दवा और कॉस्मेटिक अधिनियम, 1940 के तहत दर्ज मामले के संबंध में जारी समन आदेश को बरकरार रखा गया था। कंपनी का कहना था कि उनके खिलाफ जारी किया गया समन आदेश गैर-कानूनी है और इसमें कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला:
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की दलीलों को मानते हुए उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति या कंपनी को समन जारी करना एक गंभीर मामला है और ऐसा तभी किया जा सकता है जब उसके पास इसके लिए पर्याप्त कारण हों। कोर्ट ने कहा कि समन आदेश में यह स्पष्ट होना चाहिए कि आरोपी के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं और इस आरोप के समर्थन में क्या सबूत हैं।
यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह फैसला कानून के शासन के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है। यह फैसला यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई बिना किसी वैध कारण के नहीं की जाएगी।



