
सदन में विपक्षी दलों ने विभिन्न विभागों के आवंटन पर सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगे। सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने सरकार की नीतियों का बचाव किया और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। विपक्ष ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कम आवंटन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अभी भी दयनीय है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। कृषि क्षेत्र में किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए, विपक्ष ने सरकार से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। सरकार की ओर से बोलते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, और कृषि को प्राथमिकता दी गई है और इन क्षेत्रों में आवंटन बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए जल्द ही एक नई योजना शुरू करेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से शांत रहने और चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुदान मांगों पर चर्चा एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और सभी सदस्यों को इसमें जिम्मेदारी से भाग लेना चाहिए। चर्चा के दौरान, कई सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं का उल्लेख किया और सरकार से समाधान की मांग की। सदस्यों ने सड़कों, बिजली, पानी, और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अनुदान मांगों पर चर्चा कल भी जारी रहेगी। इसके बाद, सदन में बजट पारित किया जाएगा। यह उम्मीद की जा रही है कि बजट राज्य के विकास को गति प्रदान करेगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करेगा। इस बजट सत्र में, सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, सभी सदस्य राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



