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बच्चों के सिर पर क्यों सवार है ‘शैतान’… खेलने-कूदने की उम्र में क्यों कातिल बन रहे हैं बच्चे?

छोटे बच्चों में एक दूसरे के बीच लड़ाई-झगड़े आम बात हैं। बच्चे साथ खेलते हैं, लड़ते-झगड़ते हैं, गुस्सा करते हैं और फिर थोड़ी देर बाद एक दूसरे से बातें करने लगते हैं। ये ये नॉर्मल कंडीशन हो सकती है, लेकिन ऐसी घटनाओं को आप क्या कहेंगे जहां छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की हत्या कर दे रहे हैं। जहां बच्चे खेलते-खेलते एक दूसरे को मौत के घाट उतार दे रहे हैं। पिछले कुछ समय में एक के बाद एक ऐसे मामले सामने आए हैं जो पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय हैं। बच्चे बन रहे हैं कातिल

छोटे-छोटे बच्चों का खूनी खेल

बिहार के सिवान में बच्चे ने किया कत्ल

सातवीं क्लास का बच्चा हंसता-खेलता अपने स्कूल गया। ये बात है बिहार के सिवान जिले के रामपुर गांव की। पंकज सातवीं क्लास में पढ़ता था। हर रोज की तरह उस दिन भी वो अपनी क्लास में पहुंचा, लेकिन फिर कभी वापस घर नहीं लोटा, क्योंकि उसकी ही क्लास में पढ़ने वाले उसके एक दोस्त अली ने उसका कत्ल कर दिया। पंकज और अली के बीच क्लास में किसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। झगड़ा इतना बढ़ गया कि अली ने गुस्से में पास ही पड़ी एक लोहे की रॉड पंकज के सिर पर दे मारी। इसके बाद भी वो पंकज को खूब पीटने लगा। पंकज बुरी तरह से घायल हो चुका था, अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। सोचिए सिर्फ 7वीं क्लास के बच्चे और ऐसा खूनी खेल।

यूपी के रामपुर में 10 साल के बच्चे ने की हत्या

उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक दस साल के बच्चे ने 4 साल के बच्चे को ईंट से कुचल कुचलकर मार डाला। दोनों बच्चे साथ ही खेल रहे थे। किसी बात पर अचानक झगड़ा शुरू हो गया तो 10 साल के बच्चे ने तुरंत ईंट उठा ली और चार साल के बच्चे के सिर पर दे मारी। बाद में वो खुद डर गया और वहां से भागने लगा। तभी सामने एक पुलिस कांस्टेबल आ रहा था। खुद इस बच्चे ने ये जानकारी दी कि पास ही एक बच्चा घायल पड़ा है। पुलिस वाले को शक हुआ, पूछताछ की गई तो दस साल के इस बच्चे ने अपना जुर्म कबूल किया। इसका कहना था कि छोटे बच्चे ने उसे गाली दी थी जिसके बाद उसे गुस्सा आ गया, लेकिन इतना गुस्सा की हत्या ही कर दी।

गुजरात के जूनागढ़ में 15 साल के बच्चे किया कत्ल

दो दोस्त एक की उम्र 12 साल और दूसरे की 15 साल। दोनों जुनागढ़ के रहने वाले थे। दोनों अच्छे घरों से ताल्लुक रखते थे, लेकिन इन दोनों को जुआ खेलने की लत लग गई थी। एक दिन 12 साल का बच्चा अचानक लापता हो गया। परिवारवालों ने शिकायत दर्ज करवाई। जांच शुरू हुई तो पता चला कि लड़के के दोस्त ने ही उसका कत्ल कर दिया। वजह थी जुए में 12 साल के लड़के की जीत। दोनों लड़के पहाड़ के पास जुआ खेल रहे थे जिसमें आरोपी लड़का अपने पैसे हार गया। पैसे हारने के बाद गुस्से में उसने अपनी दोस्त को पहाड़ से धक्का दे दिया। इतना ही नहीं पहाड़ से नीचे गिराने के बाद उसने वहां जाकर अपने दोस्त के चेहरे पर पत्थर से वार किए और उसका पूरा चेहरा बिगाड़ दिया।

क्यों छोटे-छोटे बच्चे बन रहे हैं कातिल?

ये तीनों घटनाएं पिछले तीन महीने के अंदर हुई हैं। सभी बच्चे काफी छोटी उम्र के हैं और अच्छे घरों से ताल्लुक रखते। माता-पिता पढ़ाई लिखाई करवाने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं हैरान कर देती हैं। आखिर क्यों बच्चों में इतना गुस्सा है। इतनी छोटी उम्र और गुस्सा इतना ज्यादा। इसके कई जवाब हो सकते हैं। बच्चों का ज्यादा टीवी देखना, इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल, परिवार वालों के साथ कम बातचीत। इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बच्चे दूसरे बच्चे की जिंदगी ले रहे हैं और साथ ही खुद की जिंदगी भी खराब कर रहे हैं। ऐसे में परिवार की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी है कि वो अपने बच्चे के व्यवहार पर ध्यान दें। अगर बच्चे को ज्यादा गुस्सा आता तो उसे शांत करने की कोशिश करें या फिर साइक्रेटिस्ट की मदद लें।

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