यह आदेश हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर के पौत्र सत्यकी सावरकर द्वारा दायर मानहानि मामले में दिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में गांधी ने सावरकर पर गलत आरोप लगाए थे।
सत्यकी सावरकर का दावा है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके पांच-छह साथियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था और इससे उन्हें खुशी महसूस हुई। शिकायत में कहा गया है कि सावरकर ने ऐसा कुछ नहीं लिखा है।
अदालत ने पुलिस को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट में शिकायत को प्रथम दृष्टया सही बताया। 4 अक्टूबर को एमपी/एमएलए विशेष अदालत के न्यायाधीश अमोल शिंदे ने गांधी को 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
हालांकि, गांधी अदालत में पेश नहीं हुए क्योंकि बताया गया कि उन्हें समन प्राप्त नहीं हुआ। सोमवार को याचिकाकर्ता के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत से गांधी को समन जारी करने की अपील की।
गांधी की ओर से वकील मिलिंद पवार ने अदालत को आश्वस्त किया कि कांग्रेस नेता अगली तारीख को पेश होंगे। लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने आपत्ति जताई कि गांधी के वकील द्वारा कोई ‘वकालतनामा या पुरसिस’ प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद अदालत ने राहुल गांधी को 2 दिसंबर को पेश होने का निर्देश दिया।



