
1988 में कल्पना चावला पीएचडी करने के बाद नासा अनुसंधान से जुड़े और लगभग 7 साल बाद वह दिन आया. जब नासा ने उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना. कल्पना चावला ने अंतरिक्ष यात्रा के लिए पहली बार 19 नवंबर 1997 को तथा दूसरी बार 2003 16 जनवरी को उड़ान भरी थी.
भारतीय मूल की वह महिला कल्पना चावला जिसने एक नहीं बल्कि 2 बार अंतरिक्ष सैर की थी. कल्पना चावला आज ही के दिन यानी 16 जनवरी 2003 को कल्पना ने अंतरिक्ष के लिए आखिरी बार नासा के स्पेस यान कोलंबिया स्पेस शटल से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी. लेकिन दुख की बात यह है कि वह दोबारा धरती पर नहीं लौट पाई थी. उनका स्पेस यान 1 फरवरी 2003 को को वापस लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में उनके साथ सात अंतरिक्ष सभी यात्रियों की मौत हो गई थी.



