एनआईए ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 5 जगहों पर की रेड, दो लोगों को नोटिस जारी
एनआईए की टीमों ने शनिवार (11 मार्च) को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी में चार स्थानों और महाराष्ट्र के पुणे में एक स्थान पर तलाशी ली. एनआईए के दिल्ली मुख्यालय में दर्ज मामले के संबंध में छानबीन के दौरान सिवनी जिले में संदिग्ध और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर एनआईए की टीम जांच करने सिवनी मुख्यालय पहुंची थी.
एनआईए की टीम गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के अलावा भारतीय दंड संहित (भादंसं) की धाराओं 121, 121 ए के तहत दिल्ली में दर्ज प्रकरण की जांच कर रही है. जांच-पड़ताल के बाद एनआईए की टीमों ने इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत (ISKP) मामले में संदिग्ध, पुणे में तल्हा खान और सिवनी में अकरम खान के घरों की तलाशी ली.
दिल्ली में ओखला से एक कश्मीरी दंपति, जहांजैब सामी वानी और उसकी पत्नी हिना बशीर बेग की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ये मामला शुरू में दर्ज किया था. दंपति को ISKP से संबद्ध पाया गया. जांच के दौरान, एक अन्य आरोपी अब्दुल्ला बसिथ की भूमिका सामने आई, जो पहले से ही एनआईए की ओर से जांच किए जा रहे एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद था.
इसके अलावा एनआईए ने शिवमोग्गा आईएस साजिश मामले में सिवनी में 3 अन्य स्थानों पर तलाशी ली. जिन स्थानों की तलाशी ली गई उनमें संदिग्ध अब्दुल अजीज सल्फी और शोएब खान के आवासीय और व्यावसायिक परिसर शामिल थे. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि एनआईए अब्दुल अजीज सल्फी और शोएब खान को जबलपुर ले गई थी और उसने दोनों को पूछताछ के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया है. इन्हें नोटिस देकर बेंगलुरू में बुलाया गया है.
एजेंसी ने कहा कि शिवमोग्गा मामले में विदेश से रची साजिश के तहत आरोपी व्यक्ति मोहम्मद शरीक, माज मुनीर खान, यासीन और अन्य ने विदेशों में स्थित अपने आकाओं के निर्देश पर गोदामों, शराब की दुकानों जैसी सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को निशाना बनाया और आगजनी व तोड़फोड़ की 25 से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया.





