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शिवलिंग पर गांजा चढ़ाना अंधविश्वास… ओडिशा सरकार ने मंदिरों में किया बैन तो विवाद शुरू

ओडिशा सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य भर के शिव मंदिरों में गांजे पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करेगी। ‘उड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग’ की ओर से इस मामले में आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने सभी जिलों से कहा कि राज्य के किसी भी शिव मंदिर में ‘गंजन’ या गांजे का किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

​’पशु बलि की प्रथा पर बैन की तरह गांजा भी प्रतिबंधित’​

संस्कृति मंत्री अश्विनी पात्रा ने कहा कि जिस तरह खुर्दा के बानापुर में भगवती मंदिर में पशु बलि की प्रथा पर प्रतिबंध लगाया था और बाद में इसे अधिकांश मंदिरों में प्रतिबंधित कर दिया गया, उसी तरह ओडिशा के सभी शिव मंदिरों में गांजा के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

​कांग्रेस का विरोध​

हालांकि, कांग्रेस विधायक सुरेश राउत्रे ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि भगवान नारायण को भांग चढ़ाई जाती है, जबकि गांजा भगवान शिव को चढ़ाया जाता है। ये भोग हैं और इन्हें प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए।

​अनंत बलिया ट्रस्ट के पत्र पर निर्देश​

ओडिशा सरकार ने राज्य भर के मंदिरों में शिव की मूर्तियों पर गांजा ले जाने और चढ़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया। ओडिया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग ने बताया कि यह निर्णय, एक धार्मिक निकाय, अनंत बलिया ट्रस्ट के बाद लिया गया है। जिसने आबकारी विभाग को एक याचिका भेजकर शिव मंदिरों में गांजा के उपयोग को पूरी तरह से बंद करने का आग्रह किया।

​विश्वप्रेमी बाबा बलिया को मिला है पद्म पुरस्कार​

13 अप्रैल को ट्रस्ट के संस्थापक विश्वप्रेमी बलिया, जिन्हें बाबा बलिया के नाम से जाना जाता है, उन्होंने सरकार से गुहार लगाई थी कि मंदिरों में गांजे के इस्तेमाल से मंदिरों में पर्यावरण पर भारी असर पड़ रहा है। पद्म पुरस्कार विजेता ने सरकार से शिव मंदिरों में प्रवेश को प्रतिबंधित करने का आग्रह करते हुए लिखा, ‘गांजा के अलावा अन्य प्रसाद भी हैं जो भगवान शिव को चढ़ाए जा सकते हैं।’ पत्र उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग को भेजा गया था।

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