बीते दो दिनों में हुई झड़पों और बदले की घटनाओं में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।
मुख्य बातें:
- हिंसा के पीछे सरकार ने असद समर्थक बलों के बचे हुए गुटों को जिम्मेदार ठहराया है।
- सरकार का कहना है कि उन्होंने केवल अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की।
- अधिकारियों ने दावा किया कि हिंसा के पीछे कुछ व्यक्तिगत तत्वों का हाथ है।
- मारे गए लोगों में बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हैं।
- झड़पें विशेष रूप से दमिश्क, अलेप्पो और होम्स के इलाकों में हुईं।
- मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी चिंताजनक है।
- घायलों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
- संयुक्त राष्ट्र ने इस हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
- सीरिया में शांति प्रक्रिया के लिए बातचीत का आह्वान किया गया है।
स्थिति पर प्रतिक्रिया:
- रेड क्रॉस और अन्य राहत संगठनों ने प्रभावित इलाकों में सहायता कार्य शुरू किया है।
- नागरिकों में दहशत के चलते बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
- सीरिया में जारी हिंसा ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि इस हिंसा से पहले से ही संकटग्रस्त सीरिया में हालात और बिगड़ सकते हैं।
- अमेरिका, रूस और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने इस घटना की निंदा की है।


