Ranchi News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू ने मुलाकात की। यह मुलाकात रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई। इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है। इस दौरान राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रभारी के बीच विकास योजनाओं के संचालन को लेकर चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर अपनी बातें रखीं। बैठक में झारखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा राज्य से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मामलों को भी बातचीत में शामिल किया गया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रभारी के बीच विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इस अवसर पर झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी मौजूद रहे। उनके साथ विधायक प्रदीप यादव ने भी मुलाकात में हिस्सा लिया। विधायक राजेश कच्छप भी इस दौरान उपस्थित थे। सभी नेताओं की मौजूदगी में राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से 5 नवंबर 2026 को इस मुलाकात की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।
मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट के रूप में बताया गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर बातचीत की। इस दौरान राज्य में चल रही विकासात्मक योजनाओं के संचालन पर विशेष चर्चा हुई। योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर भी विचार रखे गए। झारखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति बातचीत का एक अन्य प्रमुख विषय रही। इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और के राजू के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के विकास से संबंधित विषयों को जगह मिली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही। विधायक प्रदीप यादव और विधायक राजेश कच्छप ने भी बैठक में भाग लिया। सभी प्रतिनिधि मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस मुलाकात को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी की। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 358/2026 के माध्यम से इसकी पुष्टि की गई। यह विज्ञप्ति 5 नवंबर 2026 को जारी हुई। मुलाकात के दौरान किसी नए राजनीतिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई। बैठक में मुख्य रूप से विकास योजनाओं, राजनीतिक परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।



