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रामगढ़ पुलिस ने अपराधियों की निगरानी व्यवस्था मजबूत की.

581 अपराधियों का डिजिटल प्रोफाइल तैयार, 258 पर कार्रवाई.

Ramgarh News: रामगढ़ जिले में अपराध पर नियंत्रण लगाने के लिए पुलिस ने निगरानी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ दिया है। अब अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डिजिटल पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी सिलसिले में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने समीक्षा बैठक की। बैठक में 36 सदस्यीय अपराध रोकथाम एवं उद्भेदन शाखा के कामकाज की जानकारी ली गई। डिजिटल अपराधी निगरानी पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक 581 आरोप-पत्रित अपराधियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इन सभी का डिजिटल प्रोफाइल तैयार करके पोर्टल पर अपलोड किया गया है। पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक के मामलों के आधार पर कुल 1971 अपराधियों की सूची बनाई है। इसमें रामगढ़ जिले के 1374 अपराधी शामिल हैं। झारखंड के दूसरे जिलों के 458 आरोपितों के नाम भी सूची में हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों के 139 अपराधियों को भी चिह्नित किया गया है। पिछले तीन महीनों में पुलिस ने नौ प्रमुख अपराध श्रेणियों के 731 अपराधियों की पहचान की है। इनमें शस्त्र अधिनियम, रंगदारी, एनडीपीएस, डकैती, लूट और छिनतई से जुड़े अपराधी शामिल हैं। चोरी, वाहन चोरी और गृहभेदन के आरोपितों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, चोरी के 265, शस्त्र अधिनियम के 156 और वाहन चोरी के 83 अपराधियों की पहचान हुई है। सत्यापन के बाद पुलिस ने 581 अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 258 अपराधियों के खिलाफ अलग-अलग कानूनी और निगरानी संबंधी कदम उठाए गए हैं।

पुलिस ने 35 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनमें चार अपराधियों को जिला बदर करने से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। 27 अपराधियों को संबंधित थाने में नियमित हाजिरी लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं, चार अपराधियों के खिलाफ निरुद्धादेश से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 163 लोगों के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव बनाया गया है। 56 अपराधियों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज करने की प्रक्रिया की गई है। वहीं, 105 अपराधियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने अधिकारियों को अपराधियों का नियमित भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सक्रिय और बार-बार अपराध करने वालों पर विशेष नजर रखने को कहा है। जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी। प्रत्येक अपराधी का संबंधित थाना और उसके वर्तमान निवास क्षेत्र के थाना स्तर पर दोहरा सत्यापन कराया जाएगा। एसपी ने डिजिटल पोर्टल का उपयोग अपराध के विश्लेषण और संदिग्धों की पहचान के लिए करने को कहा है। इससे लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र खुलासे में मदद लेने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अगले एक महीने के भीतर हत्या और उत्पाद अधिनियम से जुड़े आरोप-पत्रित अपराधियों का प्रोफाइल तैयार करने को कहा है। पहले से चिह्नित नौ श्रेणियों के बाकी अपराधियों का सत्यापन भी पूरा किया जाएगा। जिन अपराधियों का पहले सत्यापन हो चुका है, उनकी दोबारा जांच करने का निर्देश भी दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। साथ ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे आपराधिक घटनाओं का तेजी से उद्भेदन करने में सहायता मिलेगी।

 

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