रांची में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हो रही बारिश ने त्योहारों की तैयारियों और खुदरा बाजार को प्रभावित किया है। इसका असर खासतौर पर मूर्तिकारों, कुम्हारों और सब्जी कारोबारियों पर पड़ रहा है। काली पूजा और गोवर्धन पूजा को लेकर मूर्तिकार प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण उनका काम समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। नमी के चलते प्रतिमाओं को सूखने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। दूसरी ओर, बाजार में सब्जियों की आवक और गुणवत्ता प्रभावित होने से कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। मूर्तिकार प्रियंका प्रजापति के अनुसार, 8 नवंबर को काली पूजा और 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। इन त्योहारों के लिए प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। इस बार प्रतिमाओं के डिजाइन तैयार करने में एआई तकनीक की भी मदद ली जा रही है। एआई से तैयार चित्रों के आधार पर मूर्तिकार प्रतिमाओं को नया आकार दे रहे हैं। प्रतिमा निर्माण के लिए कोलकाता, लोहरदगा, गुमला और कांके नदी से मिट्टी मंगाई जा रही है। मूर्तिकारों के मुताबिक, मिट्टी खरीदने पर लगभग 7,500 रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा 20 किलो सूतली रस्सी के लिए करीब 6,500 रुपये देने पड़ रहे हैं। बारिश के कारण प्रतिमाओं को पूरी तरह सुखाने में लगभग एक सप्ताह का समय लग रहा है। नदी किनारे से मिट्टी लाने में भी कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर मिट्टी उठाने की अनुमति नहीं मिलने और शहर में ट्रैक्टरों के प्रवेश पर रोक से परेशानी बढ़ गई है। वहीं, कुम्हारों का कारोबार भी मौसम की मार झेल रहा है। हरमू में बिचाली 12 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इस बार 100 मिट्टी के दीयों की कीमत 150 रुपये हो गई है, जबकि पिछले साल यही दीये 120 रुपये में मिलते थे। बारिश के कारण दीये बनाने और उन्हें सुखाने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।
सब्जी बाजार में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। बाहरी राज्यों से नए सफेद आलू की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण इसकी कीमत बढ़ गई है। पहले नया आलू खुदरा बाजार में 35 से 40 रुपये किलो मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। इसके अलावा भिंडी 40 रुपये और सेम 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है। मेथी साग की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। बारिश के कारण फूलगोभी की गुणवत्ता भी खराब हुई है। कई जगहों पर गोभी पर दाग और खराब होने की शिकायत मिल रही है। फिलहाल बाजार में फूलगोभी 30 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रही है। दूसरी ओर धनिया पत्ती की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। पहले खुदरा बाजार में धनिया पत्ती करीब 200 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। चक्रवात और बारिश के बाद इसकी कीमत कम हुई है। कुल मिलाकर खराब मौसम ने त्योहारों की तैयारियों के साथ आम लोगों की खरीदारी को भी प्रभावित किया है। कारोबारियों को उम्मीद है कि मौसम सामान्य होने पर बाजार की स्थिति में सुधार आएगा।



