रांची में सहायक आचार्य भर्ती से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को राहत दी है। मामला विज्ञापन संख्या 13/2023 के तहत होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा है। शिल्पा कुमारी एवं अन्य की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की रिट याचिका स्वीकार कर ली है। साथ ही JSSC को उनकी उम्मीदवारी पर विचार करने का निर्देश दिया गया है। याचिकाकर्ताओं को आयोग की ओर से पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उनकी B.Ed. डिग्री को विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप नहीं बताया गया था। इसी आधार पर उनकी उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा, ज्ञानदेव राज और काजी आसिफ इकबाल ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के सामने अपनी दलील पेश की। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने NCTE के नियमों के अनुसार B.Ed. की डिग्री हासिल की है। उनके पास JTET प्रमाण-पत्र भी मौजूद है। अधिवक्ताओं के अनुसार अभ्यर्थी विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों ने नियुक्ति के लिए जरूरी अन्य शर्तें भी पूरी की हैं। उनका कहना था कि केवल B.Ed. की अवधि या प्रकृति के आधार पर उम्मीदवारी खारिज नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ताओं ने अपनी उम्मीदवारी पर दोबारा विचार करने की मांग की थी। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना आदेश सुनाया।
हाईकोर्ट ने बिप्लब दत्ता एवं अन्य के मामले में पारित आदेश का भी उल्लेख किया। इसी आदेश के आलोक में कोर्ट ने वर्तमान याचिका को स्वीकार किया। अदालत ने JSSC को याचिकाकर्ताओं की उम्मीदवारी पर विचार करने का निर्देश दिया। आयोग को विज्ञापन में दी गई शर्तों के अनुसार उचित निर्णय लेने को कहा गया है। JSSC अब अभ्यर्थियों की योग्यता और दस्तावेजों पर विचार करेगा। इसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें शामिल करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। कोर्ट के आदेश से संबंधित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब उनकी उम्मीदवारी पर आयोग को दोबारा विचार करना होगा। मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगे की प्रक्रिया JSSC के स्तर पर होगी। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।



