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धुर्वा पुलिस ने बाइक चोर गिरोह का किया खुलासा.

आठ आरोपी गिरफ्तार, दस चोरी के वाहन बरामद.

राजधानी रांची में धुर्वा थाना पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के 10 वाहन बरामद किये गये हैं। बरामद वाहनों में आठ मोटरसाइकिल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह रांची और आसपास के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय था। आरोपी मुख्य रूप से साप्ताहिक बाजारों को निशाना बनाते थे। वहां से मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद उनके नंबर प्लेट बदल दिये जाते थे। इसके बाद चोरी की बाइक को ग्रामीण इलाकों में बेच दिया जाता था। पुलिस को वाहन चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद गिरोह पर नजर थी। इसी दौरान वाहन चेकिंग के क्रम में पुलिस को बड़ी सफलता मिली।

पुलिस के अनुसार बीते दिन धुर्वा थाना की टीम सिठियो-धुर्वा मार्ग स्थित स्वर्णरेखा नदी पुल के पास वाहन जांच कर रही थी। चेकिंग के दौरान करीब 2:30 बजे दो मोटरसाइकिल पर तीन युवक वहां पहुंचे। पुलिस को देखते ही तीनों ने बाइक घुमाकर सिठियो की ओर भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने संदेह होने पर उनका पीछा किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद तीनों को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को उनके बाइक चोरी में शामिल होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी शुरू की। अलग-अलग स्थानों पर की गयी कार्रवाई में चोरी के कई वाहन बरामद किये गये। पुलिस ने वाहन चोरी और उनकी खरीद-बिक्री में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में भरत बैठा, सुनील करमाली, रोहित उरांव और रोहित कुमार मुंडा शामिल हैं। इनके अलावा प्रदीप उरांव, संजय गंझू, सरजू मुंडा और सुमित उरांव को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ की उम्र 22 से 29 वर्ष के बीच है। पुलिस ने बताया कि कई आरोपियों के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़ी प्राथमिकी शामिल है। पुलिस अब बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की जानकारी भी जुटायी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के वाहन किन लोगों को बेचे जाते थे। गिरोह के नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर वाहन चोरी से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है।

 

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