उन्होंने शूटिंग रेंज की व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आधारभूत संरचनाओं की स्थिति पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था की भी जानकारी ली। सुरक्षा मानकों का भी निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने शूटिंग उपकरणों की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। कई व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई। मौके पर विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर के रखरखाव पर असंतोष व्यक्त किया। अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड खेल प्रतिभाओं की धरती है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। ऐसे में उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिलना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी समान अवसर देने की बात कही। खेल अवसंरचना को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए।
आधुनिक उपकरणों के रखरखाव के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने शूटिंग राइफल से निशाना भी साधा। उन्होंने अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से बातचीत की। खिलाड़ियों से प्रशिक्षण और सुविधाओं की जानकारी ली। फायर सेफ्टी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सीसीटीवी निगरानी और नियमित मॉक ड्रिल कराने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार ने शूटिंग रेंज को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।



