रांची में बोकारो ट्रेजरी घोटाले से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला आया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जमानत याचिका लेखा शाखा के एएसआई अशोक भंडारी ने दाखिल की थी। गृह रक्षक सतीश कुमार और काजल मंडल ने भी राहत की मांग की थी। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनी थीं। सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। बुधवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।
वेतन भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई थी। बाद में महालेखाकार की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के आधार पर वित्त विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में अवैध निकासी के आरोपों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की गई। मामले ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी थी। करोड़ों रुपये की निकासी को लेकर कई सवाल उठे थे। जांच एजेंसियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया था।
मामले की जांच पूरी होने के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेखा शाखा के मुख्य आरोपी कौशल पांडेय को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान अन्य जिलों में भी ऐसे मामलों का खुलासा हुआ। हजारीबाग, चाईबासा, रांची और रामगढ़ ट्रेजरी में भी अवैध निकासी की बात सामने आई। इससे मामले का दायरा और बड़ा हो गया। सीबीआई और अन्य एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अदालत के फैसले के बाद अब मामले की अगली सुनवाई पर नजर बनी हुई है।



