रांची में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा को लेकर विवाद गहरा गया है। माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र आयोग मुख्यालय के बाहर जुटे। उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कई छात्रों का आरोप है कि आंसर-की में भारी गलतियां हैं। इससे उनके परिणाम पर असर पड़ सकता है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों में काफी आक्रोश देखने को मिला। छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। मौके पर प्रशासन भी मौजूद रहा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आंसर-की में सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि उर्दू विषय में कई प्रश्न और उत्तर गलत हैं। पंच परगनिया और नागपुरी जैसे विषयों में भी त्रुटियां बताई गईं। छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने साक्ष्य के साथ आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद फाइनल आंसर-की में सुधार नहीं किया गया। करीब पांच हजार छात्रों की उत्तर कुंजी जारी नहीं होने का भी आरोप लगाया गया। जिन छात्रों की आंसर-की जारी हुई, उनमें भी गलतियां पाई गईं। कई प्रश्नों के विकल्प ही गलत बताए गए हैं। इससे छात्रों में असंतोष बढ़ गया है। छात्र संगठनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।
प्रदर्शन के बाद छात्रों ने जेएसएससी सचिव के नाम आवेदन सौंपा। उन्होंने मांग की कि विशेषज्ञ टीम बनाकर जांच की जाए। इसके बाद नई फाइनल आंसर-की जारी करने की मांग की गई। छात्रों ने कहा कि निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से भी हस्तक्षेप की अपील की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा। आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार के फैसले पर है।



