रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। ओमर बहादुर उर्फ राहुल सेन पर गंभीर आरोप लगे हैं। उस पर आतंकी संगठन से जुड़े होने का आरोप है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ ठोस आरोप हैं। ऐसे मामलों में जमानत नहीं दी जा सकती। यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मामले ने राज्य में चर्चा बढ़ाई है।
आरोपी पर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करने का आरोप है। उसने यूट्यूब, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम का उपयोग किया। इन प्लेटफॉर्म के जरिए विचारधारा फैलाने की कोशिश की गई। लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया गया। इस मामले में एनआईए ने केस दर्ज किया है। केस संख्या आरसी 2/23/ एनआईए/आरएनसी है। निचली अदालत में ट्रायल जारी है। अब तक 39 गवाहों की गवाही हो चुकी है। एनआईए के वकीलों ने अदालत में पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर विचार किया।
ओमर बहादुर को पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह एक अन्य मामले में पकड़ा गया था। जांच के दौरान उसका नाम सामने आया। यह मामला फैजल अंसारी से जुड़ा है। उस पर भी संगठन से जुड़े होने का आरोप है। उसके कई बैंक खातों की जांच हुई थी। उसकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। मामले की निगरानी की जा रही है। आगे भी जांच जारी रहने की बात कही गई है।


